भारत के शेयर बाजार में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे स्टॉक्स देखने को मिले जिन्होंने निवेशकों को करोड़पति बना दिया। लेकिन सबसे ज्यादा चौंकाने वाले रिटर्न उन पेनी स्टॉक्स से आए, जिन्हें कभी बेहद जोखिम भरा माना जाता था।
मई 2021 से मई 2026 के बीच कुछ छोटे और कम कीमत वाले शेयरों ने ऐसा धमाकेदार प्रदर्शन किया कि केवल 1 लाख रुपये का निवेश करोड़ों में बदल गया।
इन स्टॉक्स की तेजी ने यह साबित कर दिया कि सही समय और सही सेक्टर में लगाया गया पैसा छोटी कंपनियों में भी बड़ा धन बना सकता है। हालांकि, इसके साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा रहा।
कैसे 1 लाख रुपये बने 21 करोड़?
सबसे बड़ा नाम रहा Diamond Power Infrastructure।
इस कंपनी का शेयर मई 2021 में केवल 9 पैसे के आसपास था। लेकिन मई 2026 तक इसकी कीमत लगभग 24 रुपये से ज्यादा पहुंच गई। यानी करीब 2,10,000% का जबरदस्त रिटर्न।
अगर किसी निवेशक ने 4 साल पहले इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते, तो आज उसकी वैल्यू लगभग 21 करोड़ रुपये के आसपास होती।
यह तेजी मुख्य रूप से भारत में पावर ट्रांसमिशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और केबल सेक्टर में बढ़ते निवेश के कारण देखने को मिली। सरकार के बड़े प्रोजेक्ट्स और निजी निवेश ने इस सेक्टर को नई ताकत दी।
इन पेनी स्टॉक्स ने किया बड़ा धमाका
नीचे उन 11 पेनी स्टॉक्स की सूची दी गई है जिन्होंने 10,000% से ज्यादा रिटर्न दिए।
पिछले 5 साल के सबसे बड़े पेनी स्टॉक मल्टीबैगर्स
| कंपनी का नाम | अनुमानित रिटर्न |
|---|---|
| Diamond Power Infrastructure | 2,10,233% |
| Swan Defence and Heavy Industries | 65,235% |
| Stellant Securities | 38,393% |
| East India Drums & Barrels Manufacturing | 29,775% |
| Nurture Well Industries | 22,322% |
| Indosolar | 19,311% |
| Onix Solar Energy | 15,315% |
| Piramal Finance | 12,120% |
| City Pulse Multiventures | 11,681% |
| IMEC Services | 10,748% |
| Knowledge Marine & Engineering Works | 10,580% |
डिफेंस और ग्रीन एनर्जी स्टॉक्स में क्यों आई तूफानी तेजी?
कोरोना महामारी के बाद भारत में कई सेक्टर्स में तेजी देखने को मिली।
सरकार ने “मेक इन इंडिया”, डिफेंस लोकलाइजेशन और रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर बढ़ाया। इसका फायदा छोटी कंपनियों को भी मिला।
Swan Defence and Heavy Industries जैसे स्टॉक्स में निवेशकों की भारी दिलचस्पी बढ़ी क्योंकि डिफेंस सेक्टर को आने वाले वर्षों का बड़ा ग्रोथ इंजन माना जा रहा है।
वहीं सोलर और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी कंपनियों में भी जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली।
छोटे निवेशकों की एंट्री ने बदली तस्वीर
2021 के बाद भारतीय शेयर बाजार में करोड़ों नए रिटेल निवेशक आए।
SIP निवेश तेजी से बढ़ा, डीमैट अकाउंट रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे और सोशल मीडिया के जरिए शेयर बाजार की जानकारी तेजी से फैलने लगी।
कम कीमत वाले शेयरों में लोग जल्दी पैसा बनने की उम्मीद से निवेश करने लगे।
यही वजह रही कि कई माइक्रोकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अचानक तेज रैली देखने को मिली।
लेकिन खतरा भी उतना ही बड़ा
पेनी स्टॉक्स जितना तेजी से ऊपर जाते हैं, उतनी ही तेजी से गिर भी सकते हैं।
इन कंपनियों में अक्सर कम लिक्विडिटी होती है। यानी जब शेयर गिरना शुरू होता है, तब बेचने वाले ज्यादा और खरीदने वाले कम हो जाते हैं।
ऐसी स्थिति में लगातार लोअर सर्किट लग सकते हैं और निवेशक फंस सकते हैं।
कई मामलों में मार्केट रेगुलेटर द्वारा प्राइस मैनिपुलेशन और ऑपरेटर एक्टिविटी की जांच भी की गई है।
इसलिए केवल पुराने रिटर्न देखकर निवेश करना खतरनाक हो सकता है।
पेनी स्टॉक्स में निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
- कंपनी का बिजनेस मॉडल समझें
- प्रमोटर की विश्वसनीयता देखें
- कंपनी का कर्ज और मुनाफा जांचें
- केवल सोशल मीडिया टिप्स पर भरोसा न करें
- पूरे पैसे को एक ही शेयर में न लगाएं
- हाई रिस्क समझकर ही निवेश करें
क्या आगे भी मिल सकते हैं ऐसे मल्टीबैगर?
भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस, रेलवे, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से बढ़ रहे हैं।
ऐसे में आने वाले वर्षों में कुछ छोटे शेयर बड़े मल्टीबैगर बन सकते हैं। लेकिन कौन सा शेयर सफल होगा और कौन खत्म हो जाएगा, यह पहले से तय करना बेहद मुश्किल होता है।
इसीलिए विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि पेनी स्टॉक्स में सीमित और सोच-समझकर ही निवेश करें।

I am more comfortable in English than Hindi language.
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