आज के समय में निवेशक केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहना चाहते। वे ऐसी कंपनियों में भी निवेश का लाभ लेना चाहते हैं जो दुनिया भर में तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी हैं। सीधे विदेशी शेयर खरीदना हर निवेशक के लिए आसान नहीं होता, लेकिन कुछ भारतीय म्यूचुअल फंड अपने पोर्टफोलियो के माध्यम से यह अवसर प्रदान करते हैं।
इन फंडों में निवेश करके भारतीय निवेशक अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका और अन्य वैश्विक बाजारों की बड़ी कंपनियों की वृद्धि का फायदा उठा सकते हैं। आइए जानते हैं 2026 में कौन से भारतीय म्यूचुअल फंड विदेशी शेयरों में सबसे अधिक निवेश रखते हैं।
1. Edelweiss Technology Fund
यह फंड अंतरराष्ट्रीय टेक्नोलॉजी कंपनियों में सबसे अधिक निवेश रखने वाले फंडों में शामिल है।
- NAV: ₹12.39
- AUM: ₹690.89 करोड़
- Expense Ratio: 0.76%
- न्यूनतम SIP: ₹100
- अंतरराष्ट्रीय निवेश: 28.37%
मुख्य विदेशी होल्डिंग्स:
- NVIDIA
- Apple
- Microsoft
- Broadcom
2. Franklin India Technology Fund
टेक्नोलॉजी सेक्टर पर केंद्रित यह फंड भारतीय और वैश्विक कंपनियों का संतुलित मिश्रण प्रदान करता है।
- NAV: ₹498.93
- AUM: ₹1,648.29 करोड़
- Expense Ratio: 1.12%
- न्यूनतम SIP: ₹500
- अंतरराष्ट्रीय निवेश: 20.59%
मुख्य विदेशी होल्डिंग्स:
- Alphabet
- Cognizant
- MakeMyTrip
- Franklin Technology Fund
3. DSP Healthcare Fund
जो निवेशक हेल्थकेयर सेक्टर में अवसर तलाश रहे हैं, उनके लिए यह फंड एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है।
- NAV: ₹45.57
- AUM: ₹3,142.36 करोड़
- Expense Ratio: 0.60%
- न्यूनतम SIP: ₹100
- अंतरराष्ट्रीय निवेश: 17.96%
मुख्य विदेशी होल्डिंग्स:
- Abbott Laboratories
- Illumina
- Intuitive Surgical
- Globus Medical
4. Axis Innovation Fund
यह फंड भविष्य की उभरती तकनीकों और नवाचार आधारित कंपनियों में निवेश पर फोकस करता है।
- NAV: ₹20.29
- AUM: ₹1,176.60 करोड़
- Expense Ratio: 1.30%
- न्यूनतम SIP: ₹100
- अंतरराष्ट्रीय निवेश: 14.71%
मुख्य विदेशी होल्डिंग्स:
- Taiwan Semiconductor
- Broadcom
- Alphabet
- AMD
5. SBI Technology Opportunities Fund
यह फंड मुख्य रूप से भारतीय टेक्नोलॉजी कंपनियों में निवेश करता है, लेकिन कुछ हिस्सा वैश्विक कंपनियों में भी लगाया जाता है।
- NAV: ₹214.59
- AUM: ₹4,240.40 करोड़
- Expense Ratio: 0.92%
- न्यूनतम SIP: ₹500
- अंतरराष्ट्रीय निवेश: 13.21%
मुख्य विदेशी होल्डिंग्स:
- Microsoft
- Alphabet
- Cognizant
- EPAM Systems
इन फंडों की खासियत क्या है?
इन सभी फंडों में एक समान बात यह है कि ये निवेशकों को भारत से बाहर की कंपनियों की ग्रोथ में भागीदारी का अवसर देते हैं। हालांकि इन्हें पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय फंड नहीं कहा जा सकता, लेकिन इनके प्रदर्शन पर वैश्विक बाजारों का प्रभाव साफ दिखाई देता है।
निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
- विदेशी एक्सपोजर मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर कंपनियों के माध्यम से मिलता है।
- Edelweiss Technology Fund इस सूची में सबसे अधिक वैश्विक निवेश वाला फंड है।
- Franklin India Technology Fund और Axis Innovation Fund अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों में अच्छा संतुलन प्रदान करते हैं।
- DSP Healthcare Fund हेल्थ सेक्टर के जरिए वैश्विक विविधीकरण का विकल्प देता है।
- SBI Technology Opportunities Fund अपेक्षाकृत अधिक भारत-केंद्रित बना हुआ है।
- फंड मैनेजर समय-समय पर पोर्टफोलियो में बदलाव करते हैं, इसलिए विदेशी निवेश का प्रतिशत बदल सकता है।
निष्कर्ष
यदि आप भारतीय म्यूचुअल फंड के माध्यम से दुनिया की प्रमुख कंपनियों में निवेश का अवसर तलाश रहे हैं, तो ये फंड आपके लिए दिलचस्प विकल्प हो सकते हैं। इनके जरिए निवेशकों को घरेलू बाजार की मजबूती के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों की संभावित वृद्धि का लाभ भी मिल सकता है। हालांकि किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और निवेश अवधि का मूल्यांकन अवश्य करें।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है, निवेश सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश से पहले अपनी जांच करें या वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
